बादल का बरसना भी ज़रूरी है ,आंसू का ढ़लकना भी ज़रूरी है
बादल का बरसना भी ज़रूरी है ,आंसू का ढ़लकना भी ज़रूरी है ,ज़रूरी है कभी ख़ामोशियां ,तो कभी बातों कालरज़ना भी ज़रूरी है।तू इश्क़ हैं अगर , तोअह़द कर ख़ुद से ,तेरा हर लम्हा ,होना भी जरूरी है। अश्कों को पीना , पिलाना बेहतर ,इन्हें आब ए ज़मज़म,बनाना भी ज़रूरीRead More →
















