शून्य जैसा हूँ मैं मुझ से जुड़ कर तुम रहोगे वैसे ही,जैसे अभी हो तुम।
शून्य जैसा हूँ मैंमुझ से जुड़ कर तुम रहोगे वैसे ही,जैसे अभी हो तुम।और होकर मुझसे अलग,कुछ नही बदलने वाला।तुम रहोगे वैसे ही,जैसे अभी हो तुम।जोड़ना घटाना तो चलता रहता हैं,बस मुझसे गुणा ना होना कभी।जो मुझसे गुणा हुए,तुम मुझ से हो जाओगे।तुम भी शून्य बन खो जाओगे।Read More →

















