राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश में तीन हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से प्रथम चरण की मंजूरी (स्टेज-वन क्लीयरेंस) मिल गई है। इनमें चंबा जिले के होली और पांगी में हेलीपोर्ट के साथ-साथ कुल्लू जिले के मनाली में ग्रीन टैक्स बैरियर के पास एक हेलीपोर्ट भी शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में हेलीपोर्ट के निर्माण में तेजी लाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में कोई देरी न हो और सभी आवश्यक औपचारिकताएं, विशेष रूप से वन मंजूरी की प्रक्रिया अतिशीघ्र पूर्ण की जाए।
प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के उद्देश्य से हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए हेलीपोर्ट के विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। बेहतर पर्यटन बुनियादी ढांचे से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए हेलीपोर्ट परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। इस पहल से न केवल परिवहन सुविधाओं का विकास होगा बल्कि पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों में 16 हेलीपोर्ट बनाकर हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार पर्यटन के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और आगंतुकों के लिए सुविधाओं में सुधार पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अतिरिक्त, कांगड़ा हवाई अड्डेे के विस्तार कार्य में तेजी लाई गई है और भुंतर हवाई अड्डे का विस्तार करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक प्रदेश में अपने पसंदीदा गंतव्यों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
प्रदेश में तीन हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वन मंजूरी प्राप्त हुई…
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