राजधानी शिमला में फ्लैट निर्माण के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। मोहाली निवासी गुरबचन सिंह बंगा ने पंचकूला की राजदीप एंड कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजदीप शर्मा पर समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, 11 अप्रैल 2014 को दोनों पक्षों के बीच भराड़ी क्षेत्र के कालेस्टन में 1416.80 वर्ग मीटर भूमि पर फ्लैट निर्माण व बिक्री को लेकर सात करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तय हुआ था। शुरुआत में आरोपी ने 50 लाख रुपए अग्रिम के रूप में दिए और सुरक्षा के तौर पर 18 फ्लैट अपने नाम करवाए। लेकिन बाद में न तो उसने बाकी 6.50 करोड़ रुपए का भुगतान किया और न ही फ्लैटों का कब्जा शिकायतकर्ता को सौंपा।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने भुगतान के लिए कुछ चेक दिए, जिन्हें बाद में वापस लेकर बिना तारीख और कम राशि वाले नए चेक थमा दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि राजदीप शर्मा ने जानबूझकर धोखाधड़ी की नीयत से ऐसा किया और बाद में उन्हीं फ्लैटों को तीसरे पक्ष को बेच दिया।
गुरबचन सिंह बंगा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने नौ मई 2014 को दिए गए उस हलफनामे की भी अवहेलना की, जिसमें उसने MoU की सभी शर्तों का पालन करने का आश्वासन दिया था। पीड़ित के अनुसार, अब तक उन्हें करीब 2.36 करोड़ रुपए ही मिले हैं, जबकि ब्याज सहित करीब 5.23 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं।
एएसपी शिमला नवदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर सदर थाना शिमला में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।











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