हिमाचल प्रदेश एक बार फिर बर्फ और बारिश की चपेट में आ गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी ने तापमान को तेजी से गिरा दिया है, जबकि निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश से ठंडक बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति जिले में सीजन की पहली बर्फबारी ने घाटी को सफेद चादर में लपेट दिया है।
लाहौल-स्पीति में जनजीवन प्रभावित
पिछले 24 घंटों से जारी बर्फबारी के कारण जिला मुख्यालय केलांग समेत दारचा, शिंकुला, बारालाचा, कुंजुम दर्रा और कोकसर-लोसर मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिए गए हैं। रोहतांग दर्रा और अटल टनल का नॉर्थ पोर्टल भी बर्फबारी की चपेट में हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर रोहतांग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है, हालांकि अटल टनल से लाहौल की ओर ट्रैफिक फिलहाल सामान्य चल रहा है।
मनाली में बर्फबारी से लौटी रौनक
मनाली और आस-पास के क्षेत्रों जैसे कोठी, रोहतांग टॉप और अंजनी महादेव की पहाड़ियों पर भी बर्फ गिरनी शुरू हो गई है। बर्फबारी की खबर मिलते ही बाहरी राज्यों से पर्यटक ट्रैवल एजेंसियों से मनाली टूर पैकेज की जानकारी ले रहे हैं। होटल और टैक्सी ऑपरेटरों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है — पर्यटन कारोबार को बर्फबारी से नई उम्मीदें मिल गई हैं।
अक्टूबर में दिसंबर जैसी ठंड
मौसम के अचानक करवट लेने से प्रदेश में ठंड ने दस्तक दे दी है। जहां कुछ दिन पहले तक लोग गर्मी और पंखों से जूझ रहे थे, अब वहीं घरों में लोग रजाइयों में दुबके नजर आ रहे हैं। अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में ही दिसंबर जैसी सर्द हवाएं चलने लगी हैं।
पांगी घाटी में भी सीजन की पहली बर्फबारी
चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी में भी सोमवार को सीजन का पहला हिमपात हुआ। किलाड़ में करीब चार इंच जबकि ऊपरी इलाकों में आधा फुट से ज्यादा बर्फ दर्ज की गई है। घाटी में तापमान में भारी गिरावट के साथ ही जनजीवन ठहर गया है। बर्फबारी के चलते पांगी उपमंडल का संपर्क जिला मुख्यालय और बाकी इलाकों से पूरी तरह कट गया है।











Can you be more specific about the content of your article? After reading it, I still have some doubts. Hope you can help me.