मैं तेरे इश्क की औकात दैखना चाहता हूं , और इसलिए
मैं तेरे इश्क की औकात दैखना चाहता हूं , और इसलिए …….. क्या मसरूफियत में मेरा ख़्याल आता है तुझे … या उठाता है ,जब दुआओं में , तू हाथ .. … तो क्या नाम मेरा भी , याद आता है तुझे ………. बेअदब , बेसबब सी , जब मैंRead More →


















