कुंवारी कन्याएं भी अच्छा पति पाने के लिए यह व्रत रखती है।
डेस्क। हरितालिका तीज को सबसे बड़ी तीज कहा जाता है। हरतालिका व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस बार यह व्रत 21 अगस्त को रखा जायेगा। यह व्रत सुहागिनों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। क्योकि यह व्रत उनके पति की लंभी आयु के लिए रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने इस व्रत को किया था। कुंवारी कन्याएं भी अच्छा पति पाने के लिए यह व्रत रखती है। यह व्रत अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। लेकिन कई बार प्रेग्नेंट महिलाए इस कन्फूशन में रहती हैं कि वह इस व्रत को कैसे करें। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं। और हरतालिका तीज का व्रत रखना चाहती हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि प्रेग्नेंट होने के बाद भी आप किस प्रकार से इस व्रत को रख सकती हैं।
- अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको हरतालिका तीज का व्रत निर्जल नहीं रखना चाहिए। आपको थोड़े- थोड़े समय पर पानी अवश्य पीते रहना चाहिए। आपको हरतालिका तीज के व्रत में ज्यादा देर तक एक जगह पर नहीं बैठना चाहिए। आप सिर्फ पूजा के समय ही बैठे तो ज्यादा अच्छा है।
यदि आपको हरतालिका तीज पर भूख के कारण किसी तरह की कोई परेशानी महसूस होती हैं तो आप फलाहार अवश्य ले। हरतालिका तीज पर आपको रात्रि जागरण में भी ज्यादा देर नहीं बैठना चाहिए। आप चाहें तो कुछ समय बैठ कर आराम कर सकती हैं।
- इस दिन आपको चाय या कॉफी का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए नहीं तो आपको प्रॉब्लम हो सकती है। हरतालिका तीज पर आपको ज्यादा किसी के पैर नहीं छूने चाहिए और न हीं कोई झुकने वाला कार्य करना चाहिए नहीं तो आपको परेशानी हो सकती है।
- हरतालिका तीज पर आपको ज्यादा भाग दौड़ नहीं करनी चाहिए नहीं तो आपके गर्भ में पल रहे शिशु को परेशानी हो सकती है। हरतालिका तीज पर आपको मिठाई का सेवन में अधिक नहीं करना चाहिए नहीं को आपको कष्ट हो सकता है।
- आपको इस समय पर झूला भी झूलना चाहिए क्योंकि यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है। इस समय पर दूर की कोई यात्रा भी न करें।क्योंकि ऐसी स्थिति में दूर की यात्रा आपको परेशानी दे सकती है।










