जयराम ठाकुर ने कहा कि मीडिया के सवालों के जवाब को अनदेखा करके वह सच्चाई से मुँह नहीं मोड़ सकते हैं। उन्हें प्रदेश को जवाब देना होगा। मामले से जुड़े अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करें और सख़्त से सख़्त कार्रवाई करें। इतने बड़े भ्रष्टाचार के आरोप पर मुख्यमंत्री की चुप्पी हैरान ही नहीं करती बल्कि कई सवाल भी खड़े करती है। मुख्यमंत्री की स्थिति बहुत ख़राब हो गई है। कई अधिकारी जो पहले की सरकारों में डाउटफुल इंटीग्रिटी के कराण हाशिए पर रहे, आज वही लोग प्राइम पोस्टिंग में हैं, वही सरकार चला रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्थिति है कि वह न तो रेगुलर सीएस और डीजीपी की नियुक्ति कर पा रहे हैं और न ही अपने कार्यालय में चाहते हुए अधिकारियों के कमरे बदलवा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री पूरी तरह कंप्रोमाइज़्ड हैं। इसलिए वह कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि जिन लोगों को किसी न किसी उलट धंधे में मुख्यमंत्री ने लोगों को लगा रखा है। जिसका भेद खुल जाने से वह भयभीत हैं। जब सुक्खू जी विपक्ष में थे तो एक सीएस के ऊपर आरोप लगा रह थे, भ्रष्ट बता रहे थे, जिसे हमारी सरकार ने हटाया लेकिन सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने उसे अपना प्रिंसिपल एडवाइजर लगा दिया। साढ़े तीन से वही सरकार चला रहे हैं।
2026-03-31










