*आओ लौट चलें* क्या तुमने कभीे किया है प्रेम को प्रेम ! शायद तुम्हें पता भी न होगा प्रेम क्या है
2020-09-10
*आओ लौट चलें*क्या तुमने कभीे किया है प्रेम को प्रेम ! शायद तुम्हें पता भी न होगा प्रेम क्या है,प्रेम एहसास है जहाँ न खोना है न पाना वहाँ तो बस देते जाना है,तुम हो कि तौलते रहते हो तराजू में प्रेम को व्यापारियों की तरह ,कोई तुम्हें या तुमRead More →









