इस वर्ष नाग पंचमी का त्योहार 5 अगस्त यानी सावन सोमवार को है इस बार बहुत ही शुभ योग बन रहा है तो भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा इस दिन पूरे विधि-विधान से करें।
डेस्क। हम सब जानते ही हैं कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और उनसे सुख-समृद्धि का वरदान मांगा जाता है इस वर्ष नाग पंचमी का त्योहार 5 अगस्त यानी सावन सोमवार को है इस बार बहुत ही शुभ योग बन रहा है तो भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा इस दिन पूरे विधि-विधान से करें वेदों में नागदेव के पूजन का वर्णन किया गया है तथा उनके वंश का भी वर्णन किया गया है त्रेतायुग में लक्ष्मणजी व द्वापर युग में बलरामजी शेषनाग के ही अवतार थे।हमारे धर्म ग्रंथों में 12 प्रकार के नागों का वर्णन किया गया है कई लोगो की कुंडली में कालसर्प दोष होने से वो परेशान रहते हैं या उनका कोई कार्य नहीं होता है तो नागपंचमी पर नाग की आराधना करने से यह दोष खत्म हो जाता है।

आइए जानते है की अपने लग्नानुसार किस मंत्र का जाप करें..
मेष लग्न- ॐ गिरी नम:।
वृषभ- ॐ भूधर नम:।
मिथुन- ॐ व्याल नम:।
कर्क- ॐ काकोदर नम:।
सिंह- ॐ सारंग नम:।
कन्या- ॐ भुजंग नम:।
तुला- ॐ महिधर नम:।
तुला- ॐ शैल नम:।
वृश्चिक- ॐ विषधर नम:।
धनु- ॐ अहि नम:।
मकर- ॐ अचल नम:।
कुंभ- ॐ नगपति नम:
मीन- ॐ काकोदर नम:।










