शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर आज सरस्वती विद्या मंदिर, विकास नगर में आयोजित “विद्या भारती मेधावी छात्र सम्मान वर्ग” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय परिवार के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से प्राप्त होती है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा और उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा प्रदान करने का कार्य नहीं कर रही है, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, सनातन मूल्यों और नैतिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत शिक्षा के माध्यम से विद्या भारती देशभर में सर्वांगीण विकास की अलख जगा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरस्वती विद्या मंदिरों में पुष्पित-पल्लवित हो रही ये प्रतिभाएं अपने ज्ञान, संस्कार और परिश्रम के बल पर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
प्रेस रिलीज़ 02 : 07 जून 2026: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
एबीवीपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन “स्मृति-2026” में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
एबीवीपी ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की सशक्त परंपरा स्थापित की है : जय राम ठाकुर
शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन “स्मृति-2026” में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि वर्षों की स्मृतियों, संघर्षों, सीख और संगठनात्मक संस्कारों से पुनः जुड़ने का एक भावपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि उनका छात्र जीवन और व्यक्तित्व निर्माण एबीवीपी के संस्कारों से गहराई से जुड़ा रहा है तथा आज जीवन में जो कुछ भी प्राप्त किया है, उसमें एबीवीपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सदैव व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया है। राष्ट्र प्रथम की भावना, अनुशासन, संगठन और सामाजिक उत्तरदायित्व के जो संस्कार यह संगठन अपने कार्यकर्ताओं को देता है, वे इसे विश्व के अन्य छात्र संगठनों से विशिष्ट बनाते हैं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी केवल विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन ही नहीं, बल्कि सबसे अनुशासित, संगठित और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित संगठन भी है। वर्षों बाद पुराने साथियों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मिलना अत्यंत आत्मीय अनुभव रहा, जिसने नई ऊर्जा, प्रेरणा और उत्साह का संचार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन संगठन की गौरवशाली यात्रा को स्मरण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा के निरंतर आगे बढ़ने की कामना की।










