फर्ज़ सरहद तक ही सीमित नहीं: शहीद आशीष की बहन की शादी में पहुंचे फौजी दोस्त, निभाया भाई का कर्तव्य

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पांवटा साहिब,

वीरभूमि सिरमौर के भरली गांव में उस समय बेहद भावुक पल देखने को मिला, जब शहीद आशीष कुमार की बहन आराधना (पूजा) के विवाह समारोह में उनके फौजी साथियों ने पहुंचकर भाई का फर्ज निभाया।

जिस बहन ने अपने सपूत भाई को देश की रक्षा में खो दिया था, उसकी शादी के शुभ अवसर पर शहीद की रेजिमेंट के जवान और पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र के भूतपूर्व सैनिक एकजुट होकर शामिल हुए। यह नजारा केवल शादी का उत्सव नहीं था, बल्कि सेना के जज्बे, भाईचारे और अटूट बंधन का अद्भुत संदेश था।

समारोह के दौरान रेजिमेंट से आए सैनिकों ने बहन को शहीद आशीष की स्मृति में सावधि जमा (एफडी) भेंट की, वहीं पूर्व सैनिक संगठन ने शगुन और स्मृति चिन्ह सौंपकर अपनेपन और गर्व का अहसास करवाया।

शहीद की बहन की शादी में फौजियों की मौजूदगी ने साबित कर दिया कि सैनिकों का रिश्ता केवल वर्दी और सरहद तक सीमित नहीं होता। यह साथ और यह फर्ज शहीद के परिवार तक उम्रभर निभाया जाता है।


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