शिमला । सुरजीत ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के निदेशक बागवानी श्री विनय सिंह (IAS) ने रोहड़ू क्षेत्र का दौरा कर बागवानी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न इकाइयों और परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नवाचार, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और भंडारण से संबंधित गतिविधियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान निदेशक महोदय के साथ सयुंक्त निदेशक उधान विभाग डॉ. सतीश शर्मा, विषय विशेषज्ञ (MIDH) डॉ. समीर सिंह राणा तथा विषय विशेषज्ञ शिमला डॉ. कुशाल सिंह मेहता व स्थानीय विषय विशेषज्ञ उधान रोहरू डा. अश्विन चौहान भी उपस्थित रहे।
इस दौरे के अंतर्गत श्री सिंह ने सिंदोर में स्थानीय स्तर पर महेंद्रू मशीनरी एगरी मार्ट द्वारा निर्मित साइज ग्रेडिंग एवं कलर सॉर्टिंग मशीन का निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने बराड़ा रोड स्थित ‘नेचर ऊर्जा प्रा. लि.’ में सेब डिहाइड्रेटर, सेब जैम, चटनी, जूस व सेब का आटा जैसी लघु प्रसंस्करण इकाइयों तथा रेड राइस टी, गुच्छी टी और कुलथ की चाय जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की जानकारी ली।
इसके उपरांत, रोहड़ू के ऊपरी बाजार स्थित PBEE फार्म में शहद प्रसंस्करण इकाई का अवलोकन किया गया। इसके बाद उन्होंने आंध्रा में छुवारा वैली एप्पल सोसाइटी व GIZ के सहयोग से स्थापित 10 मीट्रिक टन की सौर ऊर्जा चालित मॉड्यूलर कोल्ड स्टोर इकाई का निरीक्षण किया।
राज्य सरकार का उद्देश्य पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है।
अब तक फसल तुड़ान के बाद बागवानों को मंडियों में तुरंत बिक्री करनी पड़ती थी, जिससे उन्हें बाजार के अनुकूल मूल्य नहीं मिल पाता था। इस समस्या के समाधान हेतु विभाग द्वारा छोटे किसानों के लिए 500 पेटी क्षमता वाले सौर ऊर्जा से चलने वाले प्री-फैब्रिकेटेड माइक्रो कोल्ड स्टोर स्थापित करने की योजना है। प्रत्येक कोल्ड स्टोर की अनुमानित लागत ₹20 लाख है, जिसमें ₹10 लाख की सब्सिडी MIDH योजना के अंतर्गत सीधे बागवानों के खाते में प्रदान की जाएगी।
इस प्रकार की पहल से न केवल बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, बल्कि यह पोस्ट हार्वेस्ट लॉस को भी कम करेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी कृषि अवसंरचना को सशक्त करेगा।










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