हिंदू पंचाग के अनुसार सावन मास पांचवां महीना होता है। इस साल यह महीना 6 जुलाई सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। सावन का महीना भगवान भोले नाथ को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा समय है।
हिंदू पंचाग के अनुसार सावन मास पांचवां महीना होता है। इस साल यह महीना 6 जुलाई सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। सावन का महीना भगवान भोले नाथ को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा समय है। यह शिव जी का प्रिय माह है। इस माह में भगवान शिव को मनाने से वे अतिशीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं।
सावन मास भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि जब अमृत मंथन में हलाहल विष निकला तो भोलेनाथ ने सृष्टि की रक्षा करने के लिए उस विष का पान किया था। जिसके कारण उनका पूरा शरीर आग की भांति तपने लगा था। शिव जी को इस तपन से राहत देने के लिए इंद्रदेव ने बारिश की थी। यह माह सावन का था। तभी से इस महीने में शिव जी की पूजा-अर्चना करने से वे अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं, और उन्हें कष्टों से बचाते हैं।
मान्यता यह भी है कि शिव जी को यह माह इसलिए प्रिय है क्योंकि इसी माह में पार्वती जी ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। जिस तरह से भगवान शिव को सावन का महीना अति प्रिय है उसी तरह सोमवार का दिन भी शंकर जी का प्रिय दिन है और अगर ये दिन सावन का हो तो महत्व ही अलग होता है। इस बार सावन बहुत ही अद्भुत संयोग लेकर आया है। इस बार सावन का आरंभ सोमवार के दिन से हो रहा है, तो वहीं सावन माह का समापन भी सोमवार के दिन ही होगा। इसलिए यह सावन बहुत ही शुभ है।
हर माह में शिवरात्रि आती है लेकिन सावन माह की शिवरात्रि का बहुत महत्व माना गया है। इस माह में शिव जी की आराधना से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। जिन लोगों की शादी में किसी भी प्रकार की अड़चन आ रही है वे इस माह में भगवान शिव की पूजा करें। उनकी कृपा से विवाह में आ रही सारी बाधाएं दूर होती है। शंकर जी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियां भी दूर होती हैं।










