इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है इसका खास धार्मिक महत्व है इन योग में शिव भक्तों के पास शिवजी को प्रसन्न करने का मौका होता है।
डेस्क। आज सावन का तीसरा सोमवार है आज का दिन विशेष माना जाता है क्योंकि आज हरियाली अमावस्या और सोमवती अमावस्या का शुभ योग बन रहा है हिन्दी पंचांग के अनुसार आज सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है आज सोमवार दिन होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है इसका खास धार्मिक महत्व है इन योग में शिव भक्तों के पास शिवजी को प्रसन्न करने का मौका होता है। भगवान शिवजी की इस शुभ योग में पूजा करने पर हमारी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं इसके साथ में ही घर में सुख-शांति भी आती है और यह अमावस्या हरियाली के मौसम को भी दर्शाती है क्योकि इस टाइम धरती पर चारो तरफ हरियाली हो जाती है इस समय प्रकृति का नजारा बहुत मनमोहक होता है ऐसा लगता है मानो की हर चीज बारिश में नहाकर नई सी प्रतीत होने लगती है सावन माह शिव का प्रिय महीना है इसलिए हरियाली अमावस्या यानी श्रावण अमावस्या का विशेष महत्व होता है आइए जानते हैं सावन के तीसरे सोमवार यानि आज पर बन रहे इन विशेष संयोग के बारे में…

आज के दिन ही हर कार्य को सिद्धि देने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है यह सौभाग्य दायनी माना जाता है यह योग सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रहेगा। इस शुभ योग में आप जो भी कार्य करोगे उसकी शुभ फल की प्राप्ति होगी। सर्वार्थ सिद्धि योग में शिव की पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है व वैवाहिक जीवन भी सुखयम बना रहता है।

47 साल बाद बना है आज ऐसा संयोग
सावन के तीसरे सोमवार यानि की आज के दिन बहुत सारे शुभ और अद्भुत संयोग बन रहे हैं इसके साथ ही सावन में इस बार अमावस्या और पूर्णिमा दोनो सोमवार को पड़ रही हैं आज का यह संयोग 47 साल बाद बन रहा है इसलिए भी सावन का महीना बहुत खास हो गया है। आज के दिन शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बहुत फलदाई होता है। इससे सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
आज के दिन करे इस मंत्र का जाप, दूर होगी जीवन की सारी परेशानी
सावन मास की अमावस्या को हरियाली भी अमावस्या कहा जाता हैं यह योग भी सावन की तीसरे सोमवार को बन रहा है। यह अमावस्या हरियाली के मौसम को दर्शाती है क्योकि इस टाइम धरती पर चारो तरफ हरियाली हो जाती है इस समय प्रकृति का नजारा बहुत मनमोहक होता है ऐसा लगता है मानो की हर चीज बारिश में नहाकर नई सी प्रतीत होने लगती है आज के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करके परिक्रमा करने से आपको मनचाह वरदान मिलता है इससे जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो जाता है।
आज का दिन पितरों की पूजा के लिए अच्छा संयोग बन रहा है आज के दिन सोमवती अमावस्या भी है आज के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए दान व तर्पण करते हैं जिससे पितरो को परलोक में शांति प्राप्त हो सकें और पितरों के आशीर्वाद से आपके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और आपके वंश की वृद्धि भी होती है देश के कुछ हिस्सों में इस अमावस्या को दीप अमावस्या भी कहा जाता हैं
ऐसे करें पूजा
आज सुबह स्नान करके एक तांबे के लोटे में अक्षत, दूध, पुष्प, बेल पत्र आदि डाल लें।
इसके बाद में शिव मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग का अभिषेक करें। अभिषेक करते समय ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप अवस्य करें।
मंदिर परिसर में या अगर आप मंदिर नहीं जा सकते तो केवल घर पर रहकर भी आप शिव चालीसा और रुद्राष्टक का पाठ कर ले।










