रक्षाबन्धन एक हिन्दू त्योहार है जो प्रतिवर्ष सावन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
रक्षाबन्धन एक हिन्दू त्योहार है जो प्रतिवर्ष सावन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का त्योहार है, रक्षा का अर्थ सुरक्षा और बंधन का अर्थ बाध्य होता है में इस दिन राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है भाई की कलाई में राखी बांधने के लिए बहनें रक्षाबंधन का इंतजार करती है वहीं भाई को भी इस दिन का इंतजार रहता है वो भी बहनों से राखी बंधवाने को बेताब रहते हैं रक्षाबंधन का त्योहार सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है इस सावन के आखिरी सोमवार यानि 3 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार पड़ रहा है
मान्यताओं के अनुसार भाई की दाहिनी कलाई पर ही बहन को राखी बांधना चाहिए। माना जाता है कि शरीर का दाहिना हिस्सा पवित्र होता है। इसलिए धार्मिक कार्यों में सभी काम सीधे हाथ से ही किए जाते हैं इसलिए पूजा-पाठ या शुभ काम हमेशा दाहिने हाथ से करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि रक्षा सूत्र बांधने से ब्रह्मा विष्णु, महेश, लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा सभी का आर्शीवाद प्राप्त होता है। यही वजह है कि राखी हमेशा दाएं हाथ में बांधा जाना जाना चाहिए।










