सुनो कान्हा जी
कोई जो पूछे कि जीवन क्या है,
मैं नाम तुम्हारा बता देती हूं…
कोई जो पूछे कि दर्पण क्या है..
मैं आँखे तुम्हारी बता देती हूं..
कोई जो पूछे कि सुर क्या होते है,
मैं बाते तुम्हारी कह देती हूं..
कोई जो पूछे साथ क्या होता है,
मैं हाथ तुम्हारा थाम लेती हूं..
कोई जो पूछे क्यों तन्हाई में,
यूं ही मुस्कुराते हो तुम,
मैं वजह तुम्हे बता देती हूं…
कोई जो पूछे पूजा क्या होती है,
आराध्य तुम्हे बता देती हूं…
कोई जो पूछे मंजिल कहाँ है तुम्हारी,
मैं पता तुम्हारा बता देती हूँ…!!!










