तुमको ढूंढ़ा गीतों में,ग़ज़लों और तरानों में ,
दिल बहलाने आते हो ,बस तुम मेरे ख्यालों में ।
यूं मिल जाते हो साजन ,तुम कभी कभी राहों में ,
लब पर जो है बात रुकी ,वो सिमट जाती है आहों में ।
ये प्यार भी कैसा होता है ,ना इनकार हो,ना इकरार ,
हर बात दबी दबी होती है ,तेरी मेरी झुकी निगाहों में ।
2020-08-26










