वो हवा थी,मेरे तन को छू करनिकल गई
2020-09-07
वो हवा थी,मेरे तन को छू करनिकल गई,उसे क्या मालूममैंने, तो उसकीरूह को छुआ है।बीते सालों मेंबस इतना सा समझ पाया हूँ “राही”,’दुनिया’ जो समझती है ‘”गणित’” वो कभीअपनीसमझ में न आया।मैंने, तो वो सब किया, जोअपने कोसमझ आया…. (एन .पी . सिंह )Read More →









