हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षुओं ने अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के अंतर्गत कजाकिस्तान के अल्माटी में समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट, राखात चॉकलेट फैक्ट्री और ग्रीन मार्केट की कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षुओं को वैश्विक औद्योगिक प्रणालियों, आधुनिक तकनीकों तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति से परिचित करवाना है। इससे वे अपने तकनीकी कौशल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ भविष्य में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट में प्रशिक्षुओं ने जल शुद्धिकरण, स्वचालित बोतल निर्माण, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की आधुनिक प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षुओं के दल ने राखात चॉकलेट फैक्ट्री में चॉकलेट निर्माण, पैकेजिंग, गुणवत्ता प्रबंधन तथा बड़े पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की कार्यप्रणाली भी देखी।
ग्रीन मार्केट के भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने स्थानीय कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक खाद्य पदार्थों तथा बाजार प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया, जिससे उन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं उद्यमिता के विभिन्न आयामों की जानकारी प्राप्त हुई। प्रशिक्षुओं के दल ने मानव निर्मित झील का भी भ्रमण किया, जहां प्रशिक्षुओं ने शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन तथा सार्वजनिक पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित रखरखाव का अवलोकन किया।
प्रशिक्षुओं ने शिम्बुलाक माउंटेन रिजॉर्ट एवं केबल कार का भ्रमण भी किया। यहां ऑपरेशन मैनेजर ने प्रशिक्षुओं को केबल कार प्रणाली के संचालन, नियंत्रण प्रणाली, सुरक्षा मानकों, नियमित निरीक्षण, रखरखाव, आपदा प्रबंधन तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अपनाई जाने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।
श्री धर्माणी ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण युवाओं में नवाचार, गुणवत्ता, अनुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा का उद्देश्य अनुभव आधारित शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षु शैक्षणिक संवाद और विविध विकास मॉडलों और सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में मिली लाभप्रद जानकारी का उपयोग अपनी भविष्य की योजनाओं में कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भ्रमण से प्राप्त अनुभव प्रशिक्षुओं को भविष्य में बेहतर तकनीशियन, कुशल कार्यबल एवं सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करेगा।
इस अन्तरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के दौरान उत्कृष्ठ शिक्षविद्ों के साथ शैक्षणिक संवाद आयोजित करवाए जा रहे हैं। ‘क्रॉस एण्ड क्लचरल कम्यूनिकेशन इन मेनेजमेंट इन विषय पर हायर स्कूल ऑफ मीडिया एंड इंटरकल्चरल कम्युनिकेशन, तुरान यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर आइतोल्किन अशिमोवा ने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी संवाद, सांस्कृतिक विविधता, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क तथा व्यावसायिक नैतिकता के महत्त्व पर प्रकाश डाला।
‘पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन गर्वनेंस एण्ड इंटरनेशनेलाईजेशन ऑफ हायर एजुकेशन इन सेंटरल एशिया विषय पर व्याख्यान के माध्यम से प्रो. अलीशेर कादिरोव ने कजाकिस्तान की उच्च शिक्षा प्रणाली में हुए सुधारों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा विदेशी विश्वविद्यालयों को कजाकिस्तान में परिसर स्थापित करने के लिए प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।
अलमाटी टेकनोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सदिकोवा नरगिज़ा अलालदीनकिजी ने बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च इनोवशन एण्ड डॉक्टोरल स्टडीस इन कजाकिस्तान विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के साथ-साथ स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा, एआई, रोबोटिक्स, इंडस्ट्री 4.0, ग्रीन केमिस्ट्री, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा सतत औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में कजाकिस्तान की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
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757/2026 शिमला 16 जुलाई, 2026
कजाकिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों के औद्योगिक भ्रमण से आईटीआई प्रशिक्षुओं को मिला वैश्विक आधुनिक विनिर्माण का अनुभव
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के प्रबंधन ने सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए
प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के चयनित 30 प्रशिक्षुओं के दल ने आज कजाकिस्तान के अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी तथा एलीना ग्रुप के औद्योगिक परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक संवाद सत्र का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा, आधुनिक उद्योगों, अनुसंधान एवं नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की जानकारी प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम प्रशिक्षुओं में तकनीकी दक्षता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक उत्तरदायित्व एवं वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कजाकिस्तान के साथ यह शैक्षणिक साझेदारी प्रशिक्षुओं को भविष्य में उत्कृष्ट तकनीशियन, सफल उद्यमी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पेशेवर बनने के लिए प्रेरित करेगी। यह एक्सपोजर विजिट हिमाचल प्रदेश की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
शैक्षणिक संवाद के प्रथम सत्र में मॉनिटरी इकनोमिक्स विषय पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, मौद्रिक नीति, केंद्रीय बैंकों की भूमिका, मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा आर्थिक विकास में वित्तीय प्रणाली के महत्त्व पर चर्चा की गई। चर्चा में विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में प्रभावी मौद्रिक नीति एवं सुदृढ़ वित्तीय तंत्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।
दूसरे सत्र में हैड ऑफ एजुकेशन एण्ड इंटरनेशनल प्रोजैक्टस आइगेरिम सागिन्तायेवा ने क्रॉस कल्चरल कम्यूनिकेशन एथिक्स एण्ड प्रोफैशनल रिसपोंसिबिलिटी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी संवाद, विभिन्न संस्कृतियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने की क्षमता, व्यावसायिक नैतिकता, नेतृत्व, उत्तरदायित्व तथा टीमवर्क के महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ प्रभावी संचार कौशल एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।
सस्टेनेबल इंजीनियरिंग एण्ड इन्डस्ट्रियल लैंड स्केप विषय पर दिमित्री पाक ने व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने बताया कि भविष्य का औद्योगिक विकास केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित प्रौद्योगिकी, इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।
इसके उपरान्त, प्रशिक्षुओं ने एलीना ग्रुप अल्माटी के आधुनिक औद्योगिक संयंत्र निर्माण सामग्री, ड्राई-मिक्स मोर्टार, पेंट एवं कोटिंग्स के निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक पैकेजिंग तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। यहां संयंत्र के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं को उत्पादन प्रक्रिया में स्वचालन अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा संसाधनों के कुशल उपयोग की आधुनिक कार्य प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी।
अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी द्वारा एक गरिमामयी दीक्षांत एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के प्रबंधन द्वारा सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समारोह में दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भारत और कजाकिस्तान के बीच तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान को भविष्य में और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।










